

एसएसपी ने सुनी जनपदवासियों की समस्याएं, जनसुनवाई बनी जनता और पुलिस के बीच भरोसे की नई कड़ी
सहारनपुर। सहारनपुर पुलिस प्रशासन इन दिनों जनता से सीधे संवाद को लेकर सुर्खियों में है। मंगलवार को रिज़र्व पुलिस लाइन स्थित पुलिस कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ने स्वयं आम नागरिकों की समस्याएँ सुनीं और उनके समाधान के लिए तत्काल दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने अपनी-अपनी शिकायतें और समस्याएँ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखीं।
जनसुनवाई की शुरुआत सुबह निर्धारित समय पर हुई। जैसे ही एसएसपी कार्यालय पहुंचे, पुलिस लाइन परिसर में व्यवस्था संभालने के लिए अधिकारी और कर्मचारी पहले से तैयार थे। जनता को क्रमवार बुलाकर उनकी शिकायतें सुनी गईं। हर शिकायत पर एसएसपी ने धैर्यपूर्वक बात सुनी, आवश्यक प्रश्न पूछे और मौके पर संबंधित थाने या शाखा के अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।
🔹 न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचे लोग
जनसुनवाई में पहुंचे अधिकांश लोग भूमि विवाद, पारिवारिक झगड़ों, साइबर फ्रॉड, मारपीट, धोखाधड़ी, और थाना स्तर पर कार्यवाही में देरी से संबंधित मामलों को लेकर आए थे। कई महिलाओं ने घरेलू हिंसा व छेड़खानी से जुड़े मामलों की शिकायतें भी दर्ज कराईं।
एसएसपी ने सभी से संवाद करते हुए कहा कि किसी भी नागरिक को न्याय के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। हर genuine शिकायत का निष्पक्ष निस्तारण पुलिस की जिम्मेदारी है और इसके लिए कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
🔹 “जनता ही पुलिस की असली ताकत है” – एसएसपी सहारनपुर
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच संवाद जितना मजबूत होगा, कानून व्यवस्था उतनी ही प्रभावी बनेगी। उन्होंने कहा,
“जनता ही पुलिस की असली ताकत है। अगर आम आदमी अपनी बात खुलकर कहे और पुलिस उसे संवेदनशीलता से सुने, तो अपराधों में स्वतः कमी आती है।”
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हर थाना स्तर पर पारदर्शी और सम्मानजनक व्यवहार अपनाया जाए ताकि शिकायतकर्ता को लगे कि पुलिस उसके साथ है, उसके खिलाफ नहीं।
🔹 पुलिस कार्यालय में सख्त लेकिन संवेदनशील माहौल
जनसुनवाई के दौरान एसएसपी ने कुछ शिकायतों पर मौके पर ही फोन कर थानेदारों से स्पष्टीकरण मांगा। कई मामलों में तत्काल जांच के आदेश दिए गए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लें, और हर आवेदन की वास्तविक प्रगति रिपोर्ट निर्धारित समय में तैयार करें।
एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराधियों को सजा दिलाना नहीं, बल्कि नागरिकों में कानून के प्रति विश्वास जगाना भी है। उन्होंने कहा कि हर पुलिसकर्मी को यह याद रखना चाहिए कि वर्दी के पीछे इंसानियत छिपी है, जो जनता के हित में काम करती है।
🔹 जनता का भरोसा बढ़ा – “ऐसा लगा जैसे हमारी बात सच में सुनी जा रही है”
जनसुनवाई में शामिल लोगों ने पुलिस प्रशासन के इस प्रयास की सराहना की। देहात क्षेत्र से आईं एक महिला ने कहा,
“पहली बार ऐसा लगा कि हमारी बात सच में सुनी जा रही है। एसएसपी साहब ने खुद ध्यान से बात सुनी और तुरंत कार्रवाई का आश्वासन दिया।”
इसी तरह, एक बुजुर्ग व्यक्ति ने बताया कि वह पिछले कई दिनों से थाने के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन जनसुनवाई में आने के बाद उनकी बात दर्ज हुई और समाधान की उम्मीद जगी है।
🔹 पुलिस की छवि में सुधार की दिशा में बड़ा कदम
एसएसपी सहारनपुर का यह जनसुनवाई अभियान केवल औपचारिकता नहीं है, बल्कि जनता और पुलिस के बीच विश्वास का सेतु है। पिछले कुछ महीनों में इस पहल से दर्जनों ऐसे मामले सामने आए हैं जिनका समाधान जनसुनवाई के माध्यम से हुआ। इससे यह संदेश गया है कि सहारनपुर पुलिस जनता की “दोस्त और सहयोगी” बन चुकी है।
इसके साथ ही एसएसपी ने सभी थाना प्रभारियों को भी अपने-अपने थानों पर जनसुनवाई नियमित रूप से करने के निर्देश दिए हैं ताकि कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।
🔹 पुलिसिंग का नया चेहरा – संवेदना के साथ सख़्ती
एसएसपी सहारनपुर का मानना है कि पुलिस का काम केवल अपराधी पकड़ना नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा और भरोसे का माहौल बनाना भी है। उन्होंने कहा कि हर पुलिसकर्मी को इंसानियत के साथ काम करना चाहिए, तभी जनता का दिल जीता जा सकता है।
उन्होंने यह भी दोहराया कि “पुलिस का दरवाजा हर समय जनता के लिए खुला है।” यदि किसी भी स्तर पर कोई कर्मचारी जनता से दुर्व्यवहार करता है या लापरवाही दिखाता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनसुनवाई के अंत में एसएसपी ने सभी उपस्थित नागरिकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनकी समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
✍️ लेखक : एलिक सिंह
संपादक – वंदे भारत लाइव टीवी न्यूज़
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